About

Pandit Jai Bhagwan Sharma (DD Sharma) was born in village Bhagal, District Kaithal, Haryana. He completed his early studies in village and then he completed his graduation from S.D. College, Ambala. With his leadership qualities and interest in social-welfare, he took interest in student leadership. Since then he is participating in active leadership. He is well known social worker and businessmen as well. He is well known in the district kurukshetra and kaithal with his name Jai Bhagwan Sharma (DD Sharma). He was appointed as president, District Vyapar Mandal also elected as two time president of New Grain Market Pipli.

He served the society on different posts. He has been elected two times of sarpanch of Kheri Markanda, elected member of Zila Parishad, He was member of northern railways.

व्यक्तित्व ( हिंदी में )

सामाजिक कार्यः-

  1. कुरूक्षेत्र की गौशालाओं के आजीवन संरक्षक-सदस्य।
  2. समय-समय पर रक्तदान कैम्पों के आयोजक।
  3. समाज-सेवा से प्रेरित होकर स्वामी विवेकानन्द इस्टीटयूट आॅफ टेंनिंग पाॅलिटेक्निक काॅलेज, उड़ाना, करनाल में स्थापना।
  4. भगवान परशुराम काॅलेज को आगे बढ़ाने में संरक्षक के रूप में योगदान।
  5. ब्राह्मण समाज के आजीवन सदस्य।
  6. सभी समाज के धर्मशालाओं व धार्मिक स्थानों में निजी कोष से योगदान।
  7. भगवान परशुराम काॅलेज को अपने निजी कोष से 12.51 लाख रूपये का अनुदान।
  8. सीनियर सिटीजन की दोनों इकाइयों को 2.31 लाख का अनुदान अपने निजी कोष से दिया
  9. युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न खेलों का आयोजन करवाया जिसमें क्रिकेट, कबड्डी, वाॅलीबाॅल और फुटबाॅल इत्यादि खेल रहे।
  10. गांव किरमच में कबड्डी में गांव अमीन में वाॅलीबाॅल प्रतियोगिता में हर साल अपने निजी कोष से आर्थिक योगदान दिया।
  11. कुष्ठ आश्रम में राहत सामग्री के लिए आर्थिक अनुदान राशि वितरित।
  12. गरीब कन्याओं के विवाह में यथासंभव आर्थिक मदद।
  13. जरूरतमन्दों को हर साल कम्बल एवं जरूरी सामग्री अपने निजि कोष से वितरित करते हैें।
  14. 2010 कुरूक्षेत्र में आई बाढ़ में बाढ़-पीडि़तों के लिए राहत सामग्री वितरित।
  15. जिला कुरूक्षेत्र के गांवों के आर्थिक रूप से कमजोर व जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए पठन-पाठन सामग्री वितरित।
  16. युवाओं में बढ़ रही नशाखोरी के समूल उन्मूलन के लिए विशेष अभियानों के तहत युवा चरित्र निर्माण का प्रयास।

राजनैतिक पृष्ठभूमिः-

विद्यार्थी जीवन

  1. विद्यार्थी जीवन में एस.ए. जैन काॅलेज, अम्बाला के छात्र नेता बन कर छात्र संघ का कुशल नेतृत्व किया। बौद्धिक-कौशल एवं छात्र हितैषी भावना को देखते हुए कक्षा प्रतिनिधि, महासचिव एवं कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र में छात्र ससंद के सचिव-पद पर कार्य किया। इस दौरान छात्रों को सदैव राष्ट-निर्माण हेतु प्रेरित किया। बहतु से जरूरतमदं साथियों की आथिर्क मदद भी की।

युवा जीवनः-

  1. गांव खेड़ी मारकण्डा के दो बार सरपंच चुने गए।
    (कार्यकाल 1994 से 1999 व 2004 से 2009) तक। लोगों के भरपूर आशीर्वाद एवं प्रभावशाली छवि से बड़े सुपुत्र रूबल शर्मा सरपंच के रूप में जन-सेवा कर रहे हैं। रूबल शर्मा को हरियाणा प्रदेश के सबसे कम उम्र का सरपंच बनने का गौरव प्राप्त है। वह एक शिक्षित, कर्मठ एवं ईमानदार युवा है जो कि अपने मित्रवर्ग के साथ-साथ आस-पास के क्षेत्र में भी अच्छा तालमेल रखता है।
  2. 2005 से 2009 तक जिला व्यापार सैल के जिला अध्यक्ष रहे।
    उपरोक्त अवधि के लिए जिला व्यापार सैल ने व्यापारिक कुशलता के मद्देनज़र जिला अध्यक्ष के पद पर सुशोभित किया। जिसे बड़ी दक्षता के साथ निभाया व व्यापारी वर्ग का भरपूर प्रेम प्राप्त किया। व्यापारी भाइयों की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए कड़ी का काम किया। जिससे उनकी समस्याएं कम समय में पूर्ण न्याय के साथ सुलझी।
  3. वर्तमान में कुरूक्षेत्र के वार्ड नं. 10 के जिला परिषद के सदस्य चयनित।
    सन् 2010 के जिला परिषद चुनाव में 36 बिरादरी के समर्थन से भारी मतों से विजयी हुए। इस सफलता के पीछे बा्र ह्मण समुदाय के अतिरिक्त अन्य समुदायों का स्नहे, सहयोग एवं समथर्न रहा।
  4. जिला परिषद् के इलैक्शन में लगभग 4500 वोटों से विजयी हुए। यह भी अपने आप में एक करिश्मा था क्योंकि यहां ब्राह्मण समाज की वोट न के बराबर थी। लोगों ने जात-पात से ऊपर उठकर लोगों ने जयभगवान शर्मा जी का नेतृत्व स्वीकार किया।
  5. थानेसर के विकास के लिए संघर्ष करते हुए कई बार मुख्यमंत्री, हरियाणा व अन्य कैबिनेट मंत्री हरियाणा की थानेसर में रैली आयोजित करवाई व थानेसर के लिए पांच करोड़ रूपये गांव के विकास के लिए व पांच करोड़ शहरी विकास के लिए दिलवाने में योगदान दिया।
  6. हरियाणा में जितनी भी बड़ी-बड़ी रैलिया हुई उसमें पार्टी अध्यक्ष होने के नाते थानेसर से हजारों लोगों की हाजिरी सुनिश्चित की व रैली प्रचार में निजी कोष से करोड़ों रूपये से सहयोग किया।
  7. 2010 से 2014 तक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के जिला-अध्यक्ष, कुरूक्षेत्र (हरियाणा) के पद पर कार्य किया। जन-सेवा के प्रति लगन, कुशल नेतृत्व क्षमता व कार्यकर्ताओं में बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (आई) ने जिला-अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया। उस पद की गरिमा को अक्षुण्ण रखने के लिए दिन-रात पार्टी के प्रचार-प्रसार में कार्य किया। निःस्वार्थ सेवा-भावना से संगठन को मजबूती प्रदान की। अथक प्रयासों से संगठन को अधिक संख्या में ऊर्जावान एवं युवा कार्यकर्ता मिले जिससे सांगठनिक ढांचे को अभूतपूर्व सफलता के नए आयाम मिले। कुरूक्षेत्र में कांगे्रस भवन के लिए घोषित लगभग एक एकड़ भूमि पर अपने निजी कोष से कांग्रेस भवन का निर्माण किया।
  8. दो बार (2008 से 2009 व 2009 से 2010 तक) नई अनाज मण्डी, पिपली के आढ़ती एसोसिएशन के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए। इस पद पर कार्य करते हुए किसानों एवं व्यापारी वर्ग के बीच सांमजस्य स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं का निपटान किया। जिससे किसान भाइयों से सहयोग एवं व्यापारी वर्ग से विशेष सम्मान प्राप्त किया।
  9. सन् 2004 में मार्किट कमेटी, पिपली के वाईस-चेयरमैन के पद पर कार्य किया।
  10. जिला प्रोपर्टी डीलर एसोसिएशन, कुरूक्षेत्र के लगातार तीन प्लान प्रधान रहे।
  11. वर्तमान में भगवान परशुराम काॅलेज के संरक्षक। शिक्षण संस्थानों के विकास में रूचि रखते हुए संस्था ने आजीवन-संरक्षक के रूप में चुना।
  12. ब्राह्मण सभा, जिला कुरूक्षेत्र के अध्यक्ष रहे। ब्राह्मण समाज के उत्थान-कार्यों से प्रभावित होकर अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा ने जिला कुरूक्षेत्र के ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष का पद सौंपा।
  13. जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य के पद पर कार्य किया। जिला प्रशासन के साथ अच्छा तालमेल, प्रेमिल भावना एवं विकास कार्यों के अच्छे अनुभव के कारण हरियाणा सरकार ने जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य के रूप में सेवाएं ली।
  14. उत्तर रेलवे के सदस्य-पद पर रहे। उत्तर रेलवे के विकास के लिए भेजे गए सुझावों एवं परामर्श को रेलवे ने आमन्त्रित किया व उन पर अमल किया। उत्तर रेलवे ने सदस्य-पद हेतु उपर्युक्त उम्मीदवार समझकर सदस्य-पद की सेवाएं भी ली।

धार्मिक कार्य:-

  1. आध्यात्मिकता में विशेष रूचि।
  2. ब्रह्मसरोवर पर आयोजित सूर्य ग्रहण मेलों व गीता जयन्ती समारोहों पर साधु-महात्माओं के लिए चाय, पानी, भोजन व चिकित्सा का उचित प्रबन्ध करते हैं।
  3. शिव कावड़ संघ (रजि.) में सक्रिय प्रतिभागिता।
  4. पिछले दस सालों से अन्तर्राष्टंीय आध्यात्मिकता संस्था इस्कान से जुड़े हुए हैं।
  5. समय-समय पर होने वाली शोभा-यात्राओं, धार्मिक गतिविधियों एवं कथावाचन इत्यादि में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते हैं।

जन-सेवक के रूप में उपलब्धियाँः-

  1. साफ-सुथरी एवं बेदाग छवि के नेता।
  2. ऊर्जावान एवं पूर्ण आत्म-विश्वासी व्यक्तित्व
  3. योग्य एवं स्पष्ट रणनीति के स्वामी
  4. मिलनसार एवं मैत्रीपूर्ण व्यवहार
  5. ग्रामीण आंचल से आए लोगों की समस्याओं को समझकर उनका न्यायोचित समाधान करने में समर्थ
  6. विभिन्न पदों पर रहते हुए प्रशासनिक कार्यों की पूर्ण जानकारी के साथ सभी सरकारी नीतियों एवं संवैधानिक तथ्यों के व्यावहारिक ज्ञान एवं अनुभव के साथ सरकार एवं जनता के बीच सांमजस्य स्थापित करने वाला व्यक्तित्व।
  7. अनेक सामाजिक संस्थाओं से जुड़े रहने के कारण व अपने हंसमुख एवं मिलनसार स्वभाव से जन-साधारण में विशेष लोकप्रिय व्यक्तित्व।
  8. ब्राह्मण समुदाय के साथ-साथ विभिन्न समुदायों के लोगों के साथ अच्छा तालमेल।
  9. युवाओं के चरित्र-निर्माण एवं स्वास्थ्य के लिए खेल सामग्री जैसे क्रिकेट किट, जिम का सामान एवं अन्य सुविधाएं दी। समय-समय पर अनेक प्रयोगिताओं का आयोजन भी किया।
  10. नारी सशक्तिकरण के लिए सिलाई केन्द्रों की स्थापना भी की गई। आर्थिक रूप से कमजोर महिला वर्ग को आर्थिक मदद देकर उन्हें स्वरोजगार देकर अपने पैरों पर खड़ा किया।
  11. गांव अमरगढ़ मझाड़ा के गुरूद्वारा साहिब में निजी कोष से एक लाख रूपये नकद व इसी प्रकार अन्य मन्दिरों व गुरूद्वारों एवं धर्मशालाओं में भी बढ़-चढ़कर आर्थिक सेवा में योगदान दिया।

नेक नीयत मजबूत इरादे, सही नेतृत्व क्षेत्र को हक्क दिलवा दे।